सत्ता में भागीदारी हेतु उत्तर प्रदेश में गठबंधन रुपी समर्पण. ऐतिहासिक राष्ट्रवादी पार्टी की हालत उन यात्रियों जैसी है, जिन्हें डग्गामारी के चलते गाड़ी में जगह न मिलने पर खड़ा कर दिया जाता है। क्या बात है! चाल, चरित्र, चेहरा कुछ भी अपना नहीं .
संघर्ष से बचते हुए क्या इसे सुविधावादी राजनीति के एक रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। अस्तित्व की लड़ाई ऐसे तो नही जीती जाती !!!!
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